हिंदी व्याकरण में हम संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण,अलंकार, अवयव, निबंध लेखन, शब्द विचार, मुहावरे, पर्यायवाची आदि के बारे में पढ़ते हैं, यह सभी हिंदी व्याकरण की नींव हैं। Samanarthi Shabd (पर्यायवाची शब्द) हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 300+ पर्यायवाची शब्दों को जानने के लिए इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ें।
पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं ?
जो शब्द समान अर्थ के कारण किसी दूसरे शब्द की जगह ले लेते हैं उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं या समान अर्थ प्रदान करने वाले शब्द पर्यायवाची शब्द अथवा समानार्थक शब्द कहलाते हैं। सामान्य अर्थ में ऐसे शब्द जिनके अर्थ समान हों, पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।
महत्वपूर्ण पर्यायवाची/समानार्थी शब्द
- पर्वत – शैल, नग, भूधर, अंचल, महीधर, गिरि, भूमिधर, तुंग, अद्रि।
- आँख – दृष्टि , अक्षि , नयन , नेत्र , विलोचन , चक्षु , लोचन , अक्षि , नैन , अंबक , दृग।
- नदी – अपगा, निम्नगा, तरिणी सरिता, तरंगिणी, तटिनी
- गुस्सा – कोप, अमर्ष, रोष, कोह, प्रतिघात।
- जल – वारि, नीर, सलिल, तोय, उदक, अंबु, जीवन, पय, अमृत, मेघपुष्प।
- यमुना (सूर्य पुत्री) – तरणिजा, कालिंदी, कालगंगा, अर्कजा, जमुना, कृष्णा, रविसुता, भानुजा, अक्र, यमभगिनी।
