छत्तीसगढ़ी साहित्य एवं साहित्यकार | CG Art and Culture


Chhattisgarhi Literature and Writers


छत्तीसगढ़ का साहित्य एक समृद्ध और विविधतापूर्ण साहित्यिक परंपरा को दर्शाता है, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है। छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखे गए साहित्य ने स्थानीय जनजीवन, लोक संस्कृति, संघर्ष, प्रेम, प्रकृति और सामाजिक बदलावों को प्रमुखता दी है।

प्रमुख छत्तीसगढ़ी साहित्यकार

  • दलपत राव (खैरागढ़ रियासत के लक्ष्मीनिधि कर्णराय के दरबारी) के द्वारा 1494 ई./1487 ई. में अपनी साहित्य रचना में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ शब्द का प्रयोग किया गया।
  • कवि गोपाल मिश्र के द्वारा 1746 में रचित ‘खूब तमाशा’ नामक पुस्ता में छत्तीसगढ़ शब्द का प्रयोग किया गया।
  • जे.टी. ब्लंट ने 1795 ई. में ‘बिलासपुर गजेटियर’ में छत्तीसगढ़ शा का प्रयोग किया।
  • बाबू रेवाराम ने 1896 में ‘विक्रम विलास’ में छत्तीसगढ़ शब्द का प्रयोग किया।
  • लाला जगदलपुरी जी ने साहित्य को माध्यम बनाकर बस्तर की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और लोकजीवन को देशभर में पहचान दिलाई। “बस्तर : इतिहास एवं संस्कृति” और “बस्तर की लोक कथाएँ” इत्यादि आपकी प्रमुख रचना है।
छत्तीसगढ़ समाचार पत्र
  • छत्तीसगढ़ का पहला समाचार पत्र छत्तीसगढ़ मित्र है।

बहुविकल्पीय अभ्यास प्रश्न (MCQs Practice Questions)

Q) निम्नलिखित में से साहित्य में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ नाम का प्रयोग करने वाले कौन हैं ?
(A) पं. सुन्दरलाल शर्मा
(B) कवि दलपत राव
(C) बाबू रेवाराम
(D) पं. माधवराव सप्रे
उत्तर-(B) कवि दलपत राव

Q) छत्तीसगढ़ का पहला समाचार पत्र कौन सा है ? [CG Vyapam(LOI)2023]
(A) महाकौशल
(B) छत्तीसगढ़ पत्रिका
(C) हरिभूमि
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(D) इनमें से कोई नहीं (छत्तीसगढ़ का पहला समाचार पत्र छत्तीसगढ़ मित्र है।)


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