छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण

हीरालाल काव्योपाध्याय जी ने छत्तीसगढ़ी का पहला व्याकरण सन् 1885 में लिखा था, जिसे जार्ज प्रियर्सन ने सन् 1890 में अंग्रेजी में अनुवाद कर बंगाल एशियाटिक सोसायटी के जर्नल में प्रकाशित करवाया था।